वर्तमान में चल रही शीत-लहर के कारण गोमाता को लापसी अवश्य खिलाए एवं ठंड से बचाव हेतु कंबल भेंट करना अत्यंत पुण्यदायी सेवा है।
- Jan 14 , 2026 | Jan 14 , 2026
पूज्य गोमाता के मीठे भंडारे का दिव्य एवं दुर्लभ अवसर...
1 Days Read More →वेदलक्षणा गोवंश के लिये प्राणलेवा भयंकर दुष्काल ईस्वी सन् 1987 से 1993 के मध्य गोरक्षा आन्दोलन का विधेयात्मक (सकारात्मक) स्वरूप देशवासियों के सामने आया। उपरोक्त समयावधि में माँ नर्मदा एवं कल्पगुरु दत्तात्रेय भगवान की प्रेरणा से परम श्रद्धेय गोऋषि स्वामी श्रीदत्तशरणानन्दजी महाराज का राजस्थान की भूमि पर लम्बे अज्ञातकाल के बाद आगमन हुआ। कुछ सत्संगी साधकों द्वारा अगस्त सन् 1992 में एकान्त स्थली के रूप में सांचोर शहर के निकट आनन्दवन पथमेड़ा गोचरभूमि पर स्थित कामधेनु सरोवर के सन्निकट स्थान चयनित किया।.
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पूज्य गोमाता के मीठे भंडारे का दिव्य एवं दुर्लभ अवसर...
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