श्री गोधाम पथमेड़ा द्वारा प्रेरित धन्वन्तरि गोचिकित्सालय
श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा द्वारा स्थापित तथा गोभक्त कार्यकर्ताओं के सहयोग से संचालित सभी गोसेवाश्रमों में दुर्घटना व रोगग्रस्त गोवंश संरक्षणार्थ 'श्री धन्वन्तरि गोचिकित्सालय' का एक विभाग प्रमुखता से रहता है। विशेष रूप से श्री गोपाल गोवर्धन गोशाला आनन्दवन पथमेड़ा, श्री मनोरमा गोलोकतीर्थ नन्दगांव, श्री महावीर हनुमान नन्दीशाला गोलासन, श्री रामराजा गोसेवाश्रम टेटोड़ा तथा श्री पथमेड़ा गोचिकित्सालय बाड़मेर के धन्वन्तरि गोचिकित्सालय उल्लेखनीय हैं।
उपरोक्त गोचिकित्सालयों में आने वाले असाध्य पीड़ा से पीड़ित, लूले- लंगड़े, अंधे, अपंग, लाचार, दुर्घटनाग्रस्त एवं कत्लखानों में जाने से छुड़ाए गये गोवंश को सर्वप्रथम प्रवेश मिलता है | गंभीर रूप से लाचार, बीमार, दुर्घटनाग्रस्त व वृद्ध गोवंश को धन्वन्तरि के विशिष्ठ विभाग में पूर्ण स्वास्थ्य लाभ मिलने तक भर्ती कर दिया जाता है। जहाँ वह पूर्ण स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करता है |
श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा की गोशालाओं में छोटी व बड़ी 'एम्बुलेंसें' भी हैं, जो जमीन से ही अपनी 'हाईड्रॉलिक पावर लिफ्ट' से बीमार व लाचार गोमाता को आरामपूर्वक ऊपर व नीचे ले लेती है।
श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा से प्रेरित राजस्थान गोसेवा समिति तथा गोसेवा समिति गुजरात द्वारा संचालित राजस्थान तथा गुजरात के विभिन्न गोचिकित्सालयों में और देश की प्रथम गो-चिकित्सा हेल्प लाईन के माध्यम से मोबाईल एम्बुलेंसों द्वारा हजारों की संख्या में दुर्घटनाग्रस्त गोवंश की चिकित्सा सेवा हो रही है।